Holy Scriptures

Wednesday, 10 June 2020

Bible

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पवित्र बाईबल से सिद्ध होता हैं कि परमात्मा मानव सदृश्य शरीर मे है जिसने छः दिन में सर्व सृष्टि की रचना की तथा फिर विश्राम किया

Thursday, 4 June 2020

5जून_महासत्संग_साधनाTVपर
5thJuneKabirPrakatDiwas
कबीर परमेश्वर ने बताया कि परमात्मा सभी पापों से मुक्त कर सकता है।
कबीर परमात्मा चारों युगों में प्रकट होते हैं
सतयुग में सत सुकृत नाम से,
त्रेता में मुनीन्द्र नाम से,
द्वापर में करुणामय नाम से,
और कलयुग में अपने असली नाम कबीर नाम से प्रकट होते हैं।

Tuesday, 2 June 2020

#कबीरपरमेश्वर_की_लीलाएं
एक बार द्रौपदी ने अंधे महात्मा को अपनी साड़ी के कपड़े में से टुकड़ा दिया था क्योंकि अंधे महात्मा की कोपीन पानी में बह गई थी। साधु ने आशीर्वाद अनंत चीर पाने का आशीर्वाद दिया। कबीर परमात्मा ने चीरहरण में द्रौपदी का चीर बढ़ाकर लाज बचाई।
#3दिन_बाद_कबीरप्रकटदिवस

Sunday, 31 May 2020


कबीरपरमेश्वर_के_साथ_52बदमाशी
कबीर परमेश्वर को शेखतकी ने उबलते हुए तेल में बिठाया। लेकिन कबीर साहेब ऐसे बैठे थे जैसे कि तेल गर्म ही ना हो। सिकन्दर बादशाह ने तेल के परीक्षण के लिए अपनी उंगली डाली, तो उसकी उंगली जल गई। लेकिन अविनाशी कबीर परमेश्वर जी को कुछ भी नहीं हुआ।


 हाथी कबीर भगवान के पास जाते ही डर कर भाग गया। तब लोगों ने कबीर साहेब की जय-जय कार की। कबीर भगवान अविनाशी है।


"शेखतकी द्वारा कबीर साहेब को गहरे कुँए में डालना"
शेखतकी ने कबीर साहेब को बांध कर गहरे कुँए में डाल दिया, ऊपर से मिट्टी, ईंट और पत्थर से कुँए को पूरा भर दिया। फिर शेखतकी सिकन्दर राजा के पास गया वहां जाकर देखा तो कबीर परमेश्वर पहले से ही विराजमान थे।

5 June कबीर प्रकट दिवस
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Friday, 29 May 2020

चारोंयुग_में_आए_कबीरपरमेश्वर
पूर्ण परमात्मा कविर्देव (कबीर परमेश्वर) वेदों के ज्ञान से भी पूर्व सतलोक में विद्यमान थे तथा अपना वास्तविक ज्ञान (तत्वज्ञान) देने के लिए चारों युगों में भी स्वयं प्रकट हुए हैं।

कबीर परमात्मा अन्य रूप धारण करके कभी भी प्रकट होकर अपनी लीला करके अन्तर्ध्यान हो जाते हैं।

Wednesday, 20 May 2020




संत रामपाल जी महाराज का समाज सुधार में योगदान


संत रामपाल जी महाराज का आज समाज सुधार में महत्वपूर्ण योगदान है  भ्रष्टाचार, दहेज प्रथा ,नशा  ,तंबाकू का सेवन , जात पात का भेदभाव आदि को दूर कर के एक अच्छा समाज सुधार कर रहे हैं समाज मे फैली कुरीतियों जात पात के भेदभाव को जड़ से मिटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं

दहेज प्रथा एक सामाजिक कलक
लाखो रुपये ख़र्च कर एक पिता अपनी बेटी को घर से विदा करता है यही सोच कर की उसकी बेटी सुखी रहेगी  पर कुछ टाइम बाद उसी बेटी की दहेज लोभियों द्वारा हत्या कर देने की खबर सुन कर क्या  सोचो क्या बितती होगी उनके दिल पर
संत रामपाल जी के शिष्य ना दहेज लेते हैं ना देते हैं  और विवाह में ज्यादा ख़र्च नही करते हैं संत रामपाल जी महाराज ओर उनके शिष्य दहेज मुक्त समाज मे महत्वपूर्ण योगदान निभा रहे हैं।





भूखे को भोजन
संत रामपाल जी महाराज के शिष्य वर्तमान परिस्थितियों में असहाय लोगो की मदद कर रहे हैं उन तक भोजन पहुचा रहे हैं


संत रामपाल जी महाराज जीव हिस्सा करने किसी तरह का नशा करने से मना करते हैं रिसवत लेने और देने से मना करते हैं



आज सन्त रामपाल जी महाराज समाज सुधार में महत्वपूर्ण योगदान निभा रहे हैं

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Thursday, 14 May 2020

भारत का पुनरूत्थान
हमारे देश का स्वरूप जितना विभिन्न है, उतना वह विभिन्न प्रकार की समस्याओं से घिरा हुआ है। हमारे देश की दशा सम्पूर्णरूप से भिन्न है। इसकी विभिन्नता में एकता कहीं अवश्य छिपी हुई है। लेकिन वह एकता भी किसी न किसी प्रकार की समस्या से जकड़ी हुई है। अतएव हमारा देश समस्या प्रधान देश है, ऐसा कहा जाए तो कोई अत्युक्ति नहीं होगी। यों तो हमारे देश की समस्याएँ अनेकानेक हैं, लेकिन इनमें से कुछ प्रमुख हैं और कुछ सामान्य। हम इन दोनों ही प्रकार की समस्याओं के विषय में यहाँ विचार कर रहे हैं

महँगाई और भ्रष्टाचार की समस्या- हमारे देश में बेरोजगारी ओर बढ़ती हुई जनसंख्या के असीमित होने के कारण महँगाई और भ्रष्टाचार को खूब बढ़ावा मिल रहा है। रिश्वत, सिफारिश, अनुचित साधनों का प्रयोग, स्वार्थपरता आदि के कारण महँगाई और भ्रष्टाचार की समस्या दुगुनी गति से बढ़ रही है।


            ग्रामीण समस्याएँ- हमारे देश के अन्तर्गत ग्रामीण समस्याओं की भरमार है। ग्रामीण समस्याओं के अन्तर्गत, अशिक्षा, अंधविश्वास, रूढि़वादिता, दहेज, सती आदि प्रथा की समस्या, विधवा की समस्या आदि विकराल रूप से हैं, जो हमारे राष्ट्र की कमर ही तोड़ रही है। सरकार इनके समाधान में पूर्ण रूप से विफल है।

आज संत रामपाल जी महाराज द्वारा  देश मे भ्रष्टाचार रूढ़िवादी विचार धारा जात पात को खत्म करने में महत्वपूर्ण योगदान है  इनके द्वारा बताए ज्ञान से इनके  शिष्य आज दहेज प्रथा भ्रष्टाचार जात पात से बिल्कुल दूर है और एक सभ्य समाज बनाने का प्रयास कर रहे हैं


कावड़ यात्रा

  कावड़ यात्रा क्या है हर साल श्रावण मास में करोड़ो की तादाद में कांवडिये सुदूर स्थानों से आकर गंगा जल से भरी कांवड़ लेकर पदयात्रा करके अपन...