भारत का पुनरूत्थान
हमारे देश का स्वरूप जितना विभिन्न है, उतना वह विभिन्न प्रकार की समस्याओं से घिरा हुआ है। हमारे देश की दशा सम्पूर्णरूप से भिन्न है। इसकी विभिन्नता में एकता कहीं अवश्य छिपी हुई है। लेकिन वह एकता भी किसी न किसी प्रकार की समस्या से जकड़ी हुई है। अतएव हमारा देश समस्या प्रधान देश है, ऐसा कहा जाए तो कोई अत्युक्ति नहीं होगी। यों तो हमारे देश की समस्याएँ अनेकानेक हैं, लेकिन इनमें से कुछ प्रमुख हैं और कुछ सामान्य। हम इन दोनों ही प्रकार की समस्याओं के विषय में यहाँ विचार कर रहे हैं
महँगाई और भ्रष्टाचार की समस्या- हमारे देश में बेरोजगारी ओर बढ़ती हुई जनसंख्या के असीमित होने के कारण महँगाई और भ्रष्टाचार को खूब बढ़ावा मिल रहा है। रिश्वत, सिफारिश, अनुचित साधनों का प्रयोग, स्वार्थपरता आदि के कारण महँगाई और भ्रष्टाचार की समस्या दुगुनी गति से बढ़ रही है।
ग्रामीण समस्याएँ- हमारे देश के अन्तर्गत ग्रामीण समस्याओं की भरमार है। ग्रामीण समस्याओं के अन्तर्गत, अशिक्षा, अंधविश्वास, रूढि़वादिता, दहेज, सती आदि प्रथा की समस्या, विधवा की समस्या आदि विकराल रूप से हैं, जो हमारे राष्ट्र की कमर ही तोड़ रही है। सरकार इनके समाधान में पूर्ण रूप से विफल है।
आज संत रामपाल जी महाराज द्वारा देश मे भ्रष्टाचार रूढ़िवादी विचार धारा जात पात को खत्म करने में महत्वपूर्ण योगदान है इनके द्वारा बताए ज्ञान से इनके शिष्य आज दहेज प्रथा भ्रष्टाचार जात पात से बिल्कुल दूर है और एक सभ्य समाज बनाने का प्रयास कर रहे हैं


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